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मोहित ठाकुरrightnewshindi@rightnewsindia.com
2024-12-27

18 से 23 साल की महिलाएं पैदा करें चार-चार बच्चे, सरकार हर बच्चे पर देगी 8-8 रुपए; जानें पूरा मामला

Russia News: पिछले तीन सालों से यूक्रेन के साथ युद्ध लड़ रहा रूस सैन्य मोर्चे के साथ-साथ घटती आबादी और घटती जन्म दर के मोर्चे पर भी संघर्ष कर रहा है। इस बीच पश्चिमी रूस के निज़नी नोवगोरोड ओब्लास्ट प्रांत ने रूसियों से चार-चार बच्चे पैदा करने की अपील की है और कहा है कि सरकार हर बच्चे के जन्म पर 10 लाख रूबल यानी 8 लाख रुपये देगी। निज़नी नोवगोरोड ओब्लास्ट के गवर्नर ग्लीब निकितिन की यह घोषणा पिछले मंगलवार को इंस्टीट्यूट ऑफ वॉर स्टडीज की एक रिपोर्ट में प्रकाशित हुई।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस में जन्म दर फिलहाल प्रति महिला 1.5 बच्चे है, जबकि मौजूदा आबादी को बनाए रखने के लिए प्रति महिला 2.1 बच्चों की जन्म दर बनाए रखने की जरूरत है। यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के बाद रूस में हताहतों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण पिछले तीन सालों में रूस की जनसंख्या में तेजी से गिरावट आई है और सितंबर 2024 में यह पिछले 25 सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, निज़नी नोवगोरोड ओब्लास्ट गवर्नर की पेशकश के अनुसार, पहले और दूसरे बच्चे के लिए मातृत्व अनुदान का भुगतान केंद्रीय कोष से किया जाएगा, जबकि तीसरे और चौथे बच्चे के लिए अनुदान का भुगतान क्षेत्रीय कोष से किया जाएगा। इस अनुदान के दावेदारों के लिए कोई अन्य विशेष शर्तें नहीं रखी गई हैं, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्ताव विशेष रूप से 18 से 23 वर्ष की युवा महिलाओं के लिए किया गया है।

रूस में घटती जन्म दर से निपटने के लिए पुतिन सरकार पहले से ही सेक्स मंत्रालय खोलने पर विचार कर रही है। इसके तहत मॉस्को ने कुछ कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इस योजना के तहत मातृत्व अवकाश देने का फैसला किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फेडरेशन काउंसिल की स्पीकर वेलेंटिना मतविएन्को को सेक्स मंत्रालय का नेतृत्व करने के लिए नामित किया है। वह पहले से ही परिवार और जनसांख्यिकी नीति विभाग संभाल रही हैं।

आपको बता दें कि रूसी स्वास्थ्य मंत्री येवगेनी शेस्टोपालोव पहले ही लोगों को काम के दौरान छुट्टी लेने और संतानोत्पत्ति में संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि काम में बहुत व्यस्त होना परिवार न बढ़ाने का कारण नहीं है। इसलिए छुट्टी लें और बच्चे पैदा करें क्योंकि जीवन बहुत तेज़ी से गुज़रता है। इस बीच क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जनसांख्यिकी गिरावट को एक बड़ी चुनौती बताया है और कहा है कि नई नीतियों के साथ जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देने से एक सुपर मजबूत देश बनेगा।

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मोहित ठाकुरrightnewshindi@rightnewsindia.com
2024-12-24

यूरोपियन सदस्य देश के प्रधानमंत्री पुतिन के साथ की मुलाकात, अमेरिका में मचा हड़कंप; जानें क्या हुई बातचीत

Russia News: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को क्रेमलिन में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ वार्ता की। फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से यूरोपीय संघ में शामिल किसी देश के नेता की मॉस्को की यात्रा सामान्य बात नहीं है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने रूस की समाचार एजेंसी ‘आरआईए’ को बताया कि फिको यात्रा पर रूस पहुंचे और रविवार शाम को पुतिन से आमने-सामने मुलाकात की।

क्यों महत्वपूर्ण है फिको का रूस दौरा

पेस्कोव के अनुसार, वार्ता “अंतरराष्ट्रीय स्थिति” और रूसी प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर केंद्रित रही। मॉस्को द्वारा यूक्रेन में सेना भेजे जाने के बाद से यूरोपीय नेताओं का पुतिन से मिलना और फोन पर बात करना काफी कम हो गया है। हालांकि हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने जुलाई में रूस की यात्रा की थी। ओरबान की यात्रा की यूक्रेन और यूरोपीय संघ के नेताओं ने निंदा की थी।

यूरोपीय नेताओं से अलग हैं फिको के विचार

यूक्रेन युद्ध के बारे में फिको के विचार अधिकांश अन्य यूरोपीय नेताओं से बिल्कुल भिन्न हैं। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री पिछले साल सत्ता में वापस लौटे थे, जब उनकी वामपंथी पार्टी ‘स्मेर’ ने रूसी समर्थन और अमेरिकी विरोधी को मुद्दा बनाकर संसदीय चुनाव जीता था। तब से उन्होंने यूक्रेन के लिए अपने देश की सैन्य सहायता समाप्त कर दी है। फिको ने रूस पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों की आलोचना की और यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से रोकने का संकल्प लिया।

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मोहित ठाकुरrightnewshindi@rightnewsindia.com
2024-12-10

राष्ट्रपति पुतिन के साथ मिले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कहा, हिमालय से ऊंची है भारत और रूस की दोस्ती

Rajnath Singh Russia visit: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-रूस साझेदारी में अपार संभावनाएं हैं और दोनों देशों के संयुक्त प्रयास कई उल्लेखनीय परिणामों का मार्ग प्रशस्त करेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक में सिंह ने कहा, “हमारे देशों के बीच दोस्ती सबसे ऊंचे पर्वत से भी ऊंची और सबसे गहरे महासागर से भी गहरी है।” इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूसी राष्ट्रपति से कहा कि भारत हमेशा अपने रूसी मित्रों के साथ खड़ा रहा है और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेगा।

सिंह ने राष्ट्रपति पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “राजनाथ सिंह ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।” सिंह ने अपने रूसी समकक्ष आंद्रे बेलौसोव के साथ सैन्य एवं सैन्य सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 21वें सत्र की सह-अध्यक्षता करने के बाद पुतिन से मुलाकात की। भारतीय रक्षा मंत्री रूस की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं।

राजनाथ सिंह ने रूस और भारत के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने के उद्देश्य से ‘मेक इन इंडिया’ परियोजनाओं में रूसी उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नए अवसरों पर भी जोर दिया। सिंह ने मंगलवार को मॉस्को में रूसी रक्षा मंत्री एंड्रे बेलौसोव के साथ सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 21वें सत्र की सह-अध्यक्षता की। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-रूस संबंध बहुत मजबूत हैं, और एक विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की जिम्मेदारियों पर खरे उतरे हैं।

उन्होंने कहा कि 2024 के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो रूस यात्राओं सहित हालिया आदान-प्रदान से संबंध और मजबूत हुए हैं। सिंह ने घरेलू रक्षा उद्योग की क्षमताओं को सभी डोमेन और औद्योगिक सहयोग में विस्तारित करने के लिए भारत सरकार का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ परियोजनाओं में रूसी उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के नए अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने रूस के साथ विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

रूसी रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास पर आधारित संबंधों को गहरा करने पर जोर दिया। उन्होंने आईएनएस तुशिल के भारतीय नौसेना में शामिल होने पर रक्षा मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-31 के लिए सैन्य तकनीकी सहयोग समझौते के क्रियान्वयन से ‘मेक इन इंडिया’ को आवश्यक प्रोत्साहन मिलेगा। सिंह ने रूसी मंत्री को 2025 मे 22वें सत्र की सह-अध्यक्षता करने के लिए भारत आने के लिए आमंत्रित किया जिसे स्वीकार कर लिया गया। अंत में, दोनों मंत्रियों ने सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर प्रकाश डालते हुए 21वीं बैठक के प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए।

बैठक से पहले, रक्षा मंत्री ने सेंट्रल मॉस्को में रूसी रक्षा मंत्रालय में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इससे पहले, उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए सोवियत सैनिकों का सम्मान करने के लिए मॉस्को में ‘अज्ञात सैनिक के मकबरे’ पर पुष्पांजलि अर्पित की।

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