प्रयागराज हादसा: गड्ढे में डूबे चार मासूम या कर दी हत्या, चेहरों पर चोटों के कारण परिजनों ने जताई आशंका
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर दिया। मेजा थाना क्षेत्र के बदौली गांव में एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। ये बच्चे, जिनकी उम्र 3 से 5 साल थी, मंगलवार शाम से लापता थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम के जरिए सच्चाई तलाश रही है।
परिवार का दर्द, गांव में मातम
बदौली गांव में मंगलवार शाम 4:30 बजे चार बच्चे खेलने निकले। घंटों बीतने पर भी वे घर नहीं लौटे। परिजनों ने खोज शुरू की, लेकिन रातभर कोई सुराग नहीं मिला। सुबह 8:30 बजे ईंट भट्ठे के पास 6 फीट गहरे गड्ढे में बच्चों के शव तैरते मिले। मां रीना ने अपने दो बेटों को खो दिया। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक की लहर है।
हत्या या हादसा? संदिग्ध चोटें
शवों पर चोट के निशान देख परिजनों को हत्या का शक हुआ। दादा बसंत लाल ने बताया कि बच्चे दुआर से बाहर कम ही जाते थे। सवाल उठ रहा है कि चार बच्चे एक साथ कैसे डूब गए? गड्ढे के पास रात में कोई कपड़ा नहीं था, लेकिन सुबह वहां कपड़ा मिला। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
मासूमों की अधूरी कहानी
चारों बच्चे स्कूल जाने की उम्र के थे। इस साल उनका दाखिला होना था, लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। मां गीता, जिन्होंने बेटा और बेटी खोई, कुछ बोल नहीं पा रही हैं। परिजनों ने बताया कि बच्चे खेलते-खेलते गड्ढे तक पहुंच गए। यह गड्ढा, जो महज 100 मीटर दूर था, उनके लिए काल बन गया। परिवार का दुख देख गांववाले भी सदमे में हैं।
पुलिस की जांच जारी
मेजा पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रारंभिक जांच में इसे हादसा माना जा रहा है, लेकिन परिजनों के संदेह ने मामले को पेचीदा बना दिया। पुलिस सीसीटीवी, कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन के जरिए सुराग तलाश रही है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। इस दुखद घटना ने प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए हैं कि ऐसे खतरनाक गड्ढे क्यों खुले छोड़ दिए गए?
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