भारत जनसंख्या 2025: 1.46 अरब पहुंची आबादी, लेकिन प्रजनन दर में आई गिरावट: यूएन
India News: संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत जनसंख्या 2025 में 1.46 अरब तक पहुंच गई है। यह दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बना हुआ है। यूएनएफपीए की 2025 स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट, ‘द रियल फर्टिलिटी क्राइसिस’ में कहा गया है कि प्रजनन दर 1.9 तक गिर गई, जो रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से कम है।
प्रजनन दर में बदलाव
भारत में प्रजनन दर 1970 में पांच बच्चों प्रति महिला से घटकर अब दो हो गई है। बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं ने मातृ मृत्यु दर को कम किया। फिर भी, बिहार (3.0), मेघalaya (2.9) और उत्तर प्रदेश (2.7) में प्रजनन दर अधिक है। केरल, तमिलनाडु और दिल्ली में प्रजनन दर 2.1 से नीचे है।
जनसांख्यिकीय संरचना
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आबादी की संरचना इस प्रकार है:
- 0-14 वर्ष: 24%
- 10-24 वर्ष: 26%
- 15-64 वर्ष (कामकाजी): 68%
- 65 वर्ष से अधिक: 7%
आने वाले दशकों में बुजुर्ग आबादी बढ़ेगी। जीवन प्रत्याशा पुरुषों के लिए 71 वर्ष और महिलाओं के लिए 74 वर्ष है।
प्रजनन स्वतंत्रता की चुनौतियां
भारत जनसंख्या 2025 की असली चुनौती प्रजनन स्वतंत्रता में कमी है। 36% भारतीयों को अनचाही गर्भावस्था का सामना करना पड़ता है। 30% अपनी इच्छानुसार बच्चे नहीं पा रहे। आर्थिक तंगी, नौकरी की असुरक्षा और आवास की कमी बड़ी बाधाएं हैं।
नीतिगत सुझाव
यूएनएफपीए ने सुझाव दिए हैं:
- यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाएं।
- शिक्षा, आवास और कार्यस्थल लचीलापन में निवेश करें।
- अविवाहित और एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदायों के लिए समावेशी नीतियां बनाएं।
- सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए सामुदायिक पहल करें।
भविष्य का अनुमान
भारत की जनसंख्या 2060 तक 1.7 अरब तक पहुंच सकती है। इसके बाद गिरावट शुरू होगी। यह जनसांख्यिकीय बदलाव आर्थिक और सामाजिक नीतियों के लिए नई चुनौतियां लाएगा।
Author: Bhumika Sharma
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